
क्षिप्रा। डमरू की मधुर ताल के साथ बम-बम भोले.. हर-हर महादेव के उद्घोषों से शनिवार को बरलाई जागीर नगरी गूंज उठी।
मौका था श्री सिद्धेश्वर महादेव मंडल की ओर से निकाली गई भगवान शिव की पालकी यात्रा का।
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आस्था और उत्साह के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर पालकी यात्रा निकाली गई।
उज्जैन के श्री भस्म रमैय्या भक्त मण्डल द्वारा डमरू की मधुर ध्वनि, डीजे तथा बैंड पर भजनों की धुन तथा ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्तजन जमकर थिरके। पालकी यात्रा में जहां अघोरियो तथा भूत प्रेत की टोलियो ने अपना करतब दिखाया तो वही भोलेनाथ के वेशभूषा में सजी झांकियों ने दर्शनार्थियों का मन मोह लिया।
नगर भृमण के लिए पालकी जहां से भी गुजरी, श्रद्धालुओं ने नत-मस्तक होकर भगवान शिव से कृपा मांगी।
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के आचार्य पं. मयूर अग्निहोत्री ने बताया कि
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तृतीय वर्ष पूर्ण होने पर बाबा की पालकी यात्रा निकाली गई।
प्रातः काल में पं मयूर अग्निहोत्री,
पं ओमप्रकाश तिवारी, पं. विजय कश्यप तथा पं प्रेम गुरु के सान्निध्य में बाबा श्री सिद्धेश्वर महादेव का सहस्त्रधारा महाभिषेक किया।
बाबा श्री भोलेनाथ का सूखे मेवे एवं पुष्प, चन्दन,भांग से भव्य श्रृंगार कर आरती हुई ततपश्चात भव्य रूप से निकलने वाली सवारी दोपहर बारह बजे मंदिर प्रांगण से आरम्भ हुई
जिसमें भगवान सिद्धेश्वर महादेव को फूलो से सुसज्जित पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण करवाया गया। पालकी में घोड़े, ढोल-नगाड़े, डीजे, बैंड, फूलो की तोप, भगवान शिव-पार्वती की सजीव झांकीयाँ, अघोरियो का करतब एवं भस्म रमैय्या भक्त मण्डल की मंडली आकर्षण का केंद्र रही। पालकी ने ग्राम बरलाई जागीर के विभिन्न मार्गों का भृमण किया।
जगह जगह भक्त अपने भगवान की एक झलक पाने को आतुर दिखे। नगर भ्रमण के दौरान स्वागत के लिए जगह जगह मंच सजाये गए।
जहां से पुष्पवर्षा कर भोलेनाथ का स्वागत किया गया। पालकी में हजारो पुरुष-महिलाए नाचते-गाते साथ साथ चल रहे थे। नगर भ्रमण के बाद पुनः पालकी मन्दिर पहुँची
जहां शाही रूप में ढोल एवं डमरू की मधुर ध्वनि पर भगवान भोलेनाथ की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। प्रातः काल से देर रात तक हजारो श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किये।
अंत मे श्री सिद्धेश्वर महादेव समिति ने विश्व कल्याण की कामना की।




